11/01/2009

परती परिकथा

उनके बीच उल्लास खत्म हो गया है । बावज़ूद, वो अब भी किसी मोह में डूबे बात करते हैं । चौंक चौंक कर हड़बड़ा कर किसी आवेग में एक दूसरे को तलाशते हैं । लेकिन बात शुरु करते ही , पहला शब्द बोलते ही लगता है , ओह क्या बात कहनी थी ? जेब में रेज़गारी टटोलने जैसी जुगत से बात खोजते हैं फिर दो वाक्य के बाद ही लगता है ये तो पहले की जा चुकी थी । फिर अटपटा कर , लम्बे मौन में जहाँ सिर्फ एक दूसरे की साँस सुनी जाती हो . एक लम्बी उसाँस भरकर कहते हैं , कई बार बिलकुल एक साथ ..अच्छा फिर करते हैं बात । फिर किसी अजनबी के साथ हँसी बाँटने जैसा महसूस करते हुये अलग निकल जाते हैं ।

(पिछले दिनों की रंग रंगाई )

19 comments:

अविनाश वाचस्पति said...

खूब गहरी बात।

अजित वडनेरकर said...

बुद्ध नज़र आ रहे हैं रंग-रंगाई में। बाकी बातें तो बौद्धिक ही हैं ...

अफ़लातून said...

दमदार रंग-रंगाई

अभय तिवारी said...

ह्म्म

ओम आर्य said...

काश!

पारूल said...

बात गुम
एहसास गुम
फिर है क्या आखिर ?
करवट करवट ...

डॉ .अनुराग said...

तभी तो आप आप है .....पेंटिंग बहुत खूबसूरत है .....किसकी है ?

अनिल कान्त : said...

आपका अंदाज़ !!

neera said...

वाह! उन क्षणों की अनुभूति इतने कम शब्दों में वो भी इस कदर गहरी और समस्त!

Neeraj said...

Hi,

Hope you are doing well! This is Anamika Tiwari from Webneetech.com. At present we are interviewing entrepreneurs and now we are starting another section to feature (interview) bloggers and their blog on webneetech.com

We find your blog bit interesting and would like to feature your interview on our website.

I was not able to find any contact details of yours so using this comment box. Please let me know your email id or else contact us on i.webneetech@gmail.com, so that we can send you the questionnaire and feature you on webneetech.com Please visit www.webneetech.com to know more about us.

Regards,
Anamika
Webneetech.com

आस्तीन का अजगर said...

:-D जी बिल्कुल.

अमिताभ श्रीवास्तव said...

फिर किसी अजनबी के साथ हँसी बाँटने जैसा महसूस करते हुये अलग निकल जाते हैं ।...
achcha he,

Pradeep Jilwane said...

रंगों में भी आप सक्रिय हैं. जानकर अच्‍छा लगा. पेंटिंग उम्‍दा है. बधाई.

goldie said...

mujhe us line ka meaning batya why life is such a carecature

Amit said...

प्रत्यक्षा जी,रंग रंगाई में कुछ अच्छी सी बात है,लेकिन ये नहीं समझ पाया की चेहरा बनने की ओर अग्रसर है या मिटने की ओर ?!अमित

Snowa Borno said...

Go... AA... se Snow... AA...
likhti hoon par blog par jaata nahi...
trying again and agian...
Shabd mit jaate hain...

Anonymous said...

Shabd aur rezgari. dono mukte mook!dono chukte. chook! Jeb aur zubaan hairan. Go-Aa yani ja aur aa me Arambol beach pe hun. kisi ko suna:
"i want 2 go d time when dad was d only hero. whn love was mom's hug. whn dad's shoulder was mountain everest.hurts meant wounded knees n shock meant brokentoys.friends used 4 nothing but borrowing pencils. whn gudbye's meant just till 2moro." baaki aage...

Snowa Borno said...

... koi ga raha tha oopar likhi wo kavita. Ab ye tumhare pankhon wale ghode pe!
mere pas jeb hoti toh sanjoti. Kapde hon tab na!
"Main nirwasna tat pe khadi swapn dekhti deh ka..."
Seb meethe the na?
aansu khare hain lekin pyare hain. samandar jaise! Garbh ka pani.
Chaand ki shaitani.

Chaand ke paar chalen?

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

सुंदर रंग रंगाई।
------------------
सिर पर मंडराता अंतरिक्ष युद्ध का खतरा।
परी कथाओं जैसा है इंटरनेट का यह सफर।